Hindi poetry

ग़ज़ल
लिखें है गम खून की शाही से
लोग समझ रहे है मामूली अशआर !
जैसे जिया है, जिंदगी को हमने
उस अंदाज़ से लिख रहे है अशआर!
न कोई मिला हमको समझ ने वाला
इस तड़प मे लिख रहे है अशआर!
न मिलो हमें यूँ रेहमत से तुम
मेरी जिंदगी है अल्फाज़ो के अशआर!
बिछड़ के जाना है एक दिन “प्रदीप “
कुछ तो लिखें होंगे बेहतरीन अशआर!

– प्रदीप शायर


Note: ” अशआर ” मतलब  ( शेर, शायरी )

Published by Pradip Shayar

i'm writer and author.

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